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Malcolm X: Netflix की सीरीज ने 50 साल बाद फिर खुलवाया हत्या का केस



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अमेरिका भले ही दुनिया की सुपर पावर हो लेकिन उस देश में भी ऐसी कई दिक्कतें हैं जो बरसों से खत्म ही नहीं हो रही हैं. अमेरिकी समाज की सबसे बड़ी दिक्कत है गोरे बनाम काले की लड़ाई, यह लड़ाई सदियों से चली आ रही है जो आज तक जिंदा है. बीसवीं सदी में ऐसे ही एक उभरते अश्वेत नेता की अमेरिका में एक रैली के वक्त हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद बहुत बवाल हुआ. लेकिन अब करीब 55 साल के बाद नेटफ्लिक्स पर आई एक वेब सीरीज की वजह से हत्या का केस दोबारा खुलने जा रहा है.

अमेरिका में श्वेत लोगों के द्वारा अश्वेत लोगों पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले मैलकम एक्स की हत्या को लेकर नेटफ्लिक्स ने वेब सीरीज बनाई है. Who Killed Malcolm X. 1965 में हुई इस हत्या को लेकर बनी सीरीज ने अमेरिका में विवाद पैदा कर दिया है और यह बवाल इतना बड़ा हुआ है कि न्यूयॉर्क प्रशासन को हत्या का केस दोबारा खोलना पड़ा है और अब नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है.

अश्वेत मसीहा या एक आरोपी?

मैलकम एक्स का जीवन काफी विवादों भरा रहा था. अल हक मलिक अल शब्बाज़ उर्फ मैलकम एक्स को बचपन से ही अश्वेत होने के कारण अमेरिकी समाज में दुष्परिणामों का एहसास होने लगा था. उनके पिता की हत्या कर दी गई थी जिसका शक भी कुछ श्वेत लोगों पर गया था. पिता का साया कम उम्र में उठ जाने के बाद मैलकम एक्स गलत कामों में लग गए, ड्रग्स का धंधा करना, लूटपाट करना, जबरन सेक्स करना उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया. किशोरावस्था की उम्र में ही मैलकम एक्स पर न्यूयॉर्क में कई केस दर्ज हो गए थे.


21 फरवरी 1965 को एक रैली में भाषण देते वक्त मैलकम एक्स को गोलियों से भून दिया गया था. तब हड़बड़ी में न्यूयॉर्क की पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था यह सभी पांच लोग अश्वेत ही थे. लंबी जांच के बाद इनमें से 2 को उम्र कैद हुई थी. नेटफ्लिक्स पर आई सीरीज इन दोनों को ही मैलकम एक्स की हत्या का आरोपी नहीं मानती है जिसके बाद अमेरिकी पुलिस एक बार फिर इस केस को खोल रही है. दो आरोपियों में से एक की मौत 2009 में हो चुकी थी जबकि दूसरा जिंदा है.

एक चोरी की घड़ी को ठीक करवाने जब वे एक दुकान पर गए तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. वेलकम को 10 साल की सजा हुई थी. जेल के अंदर मैलकम की मुलाकात 'नेशन ऑफ इस्लाम' के सदस्यों से हुई. जिसके बाद उन्होंने उस संगठन को ज्वॉइन कर लिया और फिर जेल में ही कई किताबों को पढ़ा और इस्लाम को जानने लगे, अश्वेत लोगों के संघर्ष के बारे में पढ़ा.

नेशन ऑफ इस्लाम के अलीजाह मोहम्मद के संपर्क में आने के बाद मैलकम का जीवन पूरी तरह से बदल गया. सबसे पहले उन्होंने सिगरेट-शराब से दूरी बनाई, फिर हिंसात्मक रवैये को भी अलविदा कह दिया. 1952 में पैरोल पर बाहर आने के बाद मैलकम को नेशनल मस्जिद का मिनिस्टर बना दिया, जिसके बाद उनका मकसद सिर्फ अश्वेत लोगों को जागरूक करना था.

लगातार अश्वेत लोगों के मुद्दे उठाने के बाद, किसी भी हिंसा पर अपनी राय रखने के बाद मैलकम धीरे-धीरे अश्वेत कम्युनिटी में फेमस होने लगे. और ऐसा करते करते उनके समर्थकों की संख्या भी बढ़ती गई. 1960 के बाद अलीजाह मोहम्मद के साथ हुए विवाद के बाद मैलकम ने नेशन ऑफ इस्लाम को अलविदा कह दिया और खुद का एक संगठन बना लिया. अलीजाह अपने समर्थकों से लगातार कहते रहे कि मैलकम अभी बच्चा है और उसे कुछ वक्त अकेले भी रहने दिया जाए.

दूसरी ओर मैलकम का जादू लोगों के सिर पर चढ़कर बोल रहा था, उनकी आवाज सुनी जा रही थी. लेकिन यह ज्यादा वक्त तक नहीं चला, 1962 के बाद से लगातार उनको धमकी आने लगी. कई बार उनकी रैली में हमले भी किए गए. जिसके बाद मैलकम को पता लगने लगा था कि अब वह ज्यादा वक्त तक जिंदा नहीं रह पाएंगे. 1965 में न्यूयॉर्क के एक हॉल में रैली को संबोधित करते हुए कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और गोलियों से भून दिया, यहीं मैलकम का अंत हो गया.


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